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दिल्ली: फर्जी वेबसाइट बनाकर पंजाब के लोगों से करते थे ठगी, पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
Sat, 31 Oct 2026 10:00 AM IST
Vijay Singh Pundir
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Sat, 31 Oct 2026 10:00 AM IST
सार
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने ओपन लाइफ वेडिक्षा नामक एक वेबसाइट के जरिये 27 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच हेल्थ सप्लीमेंट्स खरीदने के लिए ऑनलाइन 83,257 रुपये का भुगतान किया था। लेकिन पेमेंट के बाद उन्हें कोई सामान नहीं मिला। इ
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पुलिस की गिरफ्त में दोनों आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्वी जिला साइबर थाना पुलिस ने एक फर्जी वेबसाइट के जरिये लोगों को ठगने वाले साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है। आरोपी हेल्थ सप्लीमेंट्स और दवाएं बेचने के नाम पर लोगों, खासकर पंजाब के लोगों को अपना शिकार बनाते थे। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कमीशन के चक्कर में अपने और अपने परिचितों के बैंक खातों में ठगी की रकम मंगाते थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हितेन कुमार और इसके कजिन आयुष आर्या के रूप में हुई है। आयुष बीकॉम फाइनल ईयर का छात्र है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि पंजाब के अमृतसर निवासी धर्मवीर सिंह ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने ओपन लाइफ वेडिक्षा नामक एक वेबसाइट के जरिये 27 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच हेल्थ सप्लीमेंट्स खरीदने के लिए ऑनलाइन 83,257 रुपये का भुगतान किया था। लेकिन पेमेंट के बाद उन्हें कोई सामान नहीं मिला। इस शिकायत पर पूर्वी जिला साइबर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
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जांच के दौरान पुलिस टीम ने रुपयों की लेनदेन और बैंक खातों की टेक्निकल पड़ताल की। इससे पंजाब नेशनल बैंक और एसबीआई के खातों का सुराग मिला। बैंक खाते आयुष आर्या और उसकी दोस्त मीनाक्षी वर्मा के नाम पर थे। इन खातों में कुल 2,66,437 रुपये की रकम ट्रांसफर हुई थी। इस पूरी रकम को एटीएम के माध्यम से निकाल लिया गया। पुलिस ने पहले आयुष आर्या को पकड़ा। उसकी दोस्त से पूछताछ हुई।
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पूछताछ में आरोपी आयुष आर्या ने खुलासा किया कि उसने अपने और अपनी दोस्त के बैंक खाते की डिटेल अपने चचेरे भाई हितेन कुमार को 10 प्रतिशत कमीशन के लालच में दी थी। ठगी की रकम एटीएम से निकालकर हितेन को दी जाती थी। इसके आधार पर पुलिस ने 21 अक्तूबर को मुख्य आरोपी हितेन कुमार (22) को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी आयुष के पास से एक आईफोन बरामद किया । इस मोबाइल से फर्जी वेबसाइट का लिंक और दोनों आरोपियों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट मिली है। पकड़े गए दोनों आरोपियों की उम्र 22 वर्ष है। हितेन ग्रेटर कैलाश, नई दिल्ली का रहने वाला है, जबकि आयुष इंदिरापुरम, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।
पुलिस फर्जी वेबसाइट को संचालित करने वाले मुख्य आरोपी और उसके अन्य साथियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वह ऑनलाइन दवाइयां या सप्लीमेंट्स खरीदते समय पूरी सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या लुभावने विज्ञापनों के झांसे में न आएं। किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।