पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Personal Finance ›   Vivad Se Vishwas scheme 1 lakh crore of disputed tax to be settled

विवाद से विश्वास योजना: एक लाख करोड़ के विवादित कर मामलों का निपटान, 31 जनवरी है आखिरी तारीख

Mon, 04 Jan 2021 02:52 PM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Mon, 04 Jan 2021 02:52 PM IST
विज्ञापन
Vivad Se Vishwas scheme 1 lakh crore of disputed tax to be settled
विवाद से विश्वास योजना - फोटो : pixabay

सरकार के साथ कर मुद्दों को लेकर कानूनी मुकदमों में उलझे करीब पांच लाख उद्यमों में से 20 फीसदी ने सरकार की विवाद निपटान योजना को चुना है। इससे करीब 83 हजार करोड़ रुपये की विवादित राशि से जुड़े मामलों को सुलझाने में मदद मिली है। वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय ने कहा कि, 'लंबित मामलों में से 96 हजार ने लंबित कानूनी मामले के निपटान की योजना का चयन किया। इन मामलों में करीब 83 हजार करोड़ रुपये का राजस्व अटका पड़ा है।' वहीं अब तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की कर मांग का निपटान कर लिया गया है। 

विज्ञापन


2020-21 के बजट में की थी घोषणा 
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए प्रत्यक्ष कर से जुड़े पुराने कानूनी मामलों को सुलझाने के लिए 'विवाद से विश्वास' योजना की घोषणा की थी। योजना के जरिए विभिन्न अपीलीय मंचों में लंबित करीब 4.8 लाख अपीलों के चलते अटके 9.32 लाख करोड़ रुपये के कर-राजस्व को मुक्त करने का प्रयास था। 
विज्ञापन


31 जनवरी है समय सीमा
इस योजना के तहत मिल रहे आवेदनों और दिसंबर में आवेदनों में तेजी को देखते हुए सरकार ने इसकी समय सीमा एक महीने बढ़ाकर 31 जनवरी कर दी थी। इस योजना को अपनाने वाली कंपनियों अथवा फर्मों को उनसे मांगे गए कर का भुगतान करना है और उनके खिलाफ जारी विव़ाद को बंद कर दिया जायेगा और दंडात्मक कार्रवाई को भी छोड़ दिया जाएगा।' 
विज्ञापन
विज्ञापन


एक लाख करोड़ से ज्यादा कर मांग का निपटान किया गया
उन्होंने कहा कि, 'योजना के तहत एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की कर मांग का निपटान किया गया। यह कर मांग गलत जानकारी दर्ज होने के कारण पैदा हुई थी।' विवाद से विश्वास योजना का लाभ उठाने वाली कंपनियां जेसे ही बकाया कर का भुगतान करती है, उनके खिलाफ लंबित मामले को वापस लिया मान लिया जाता है और ब्याज, जुर्माना और दंड को भी निरस्त कर दिया जाता है। ये मामले आयकर आयुक्त (अपील) और कर न्यायाधिकरणों से लेकर उच्च अदालतों और मध्यस्थता केंद्रों तक में लंबित हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed