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त्योहारों के बीच जीएसटी से सरकार की बंपर कमाई: 2.31 लाख करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ा, सालाना कितनी हुई बढ़ोतरी?
Sun, 01 Nov 2026 01:12 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Sun, 01 Nov 2026 01:12 PM IST
सार
अक्तूबर में भारत का जीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर 22.9 प्रतिशत बढ़कर 2.31 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। आयात से राजस्व में 42.2 प्रतिशत और घरेलू जीएसटी राजस्व में 15.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। राज्यों में असम ने सबसे ज्यादा 47 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की।
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जीएसटी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अक्तूबर में भारत का सकल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कलेक्शन सालाना आधार पर 22.9 प्रतिशत बढ़कर 2.31 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 1.88 लाख करोड़ रुपये था। यह जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से जारी शुरुआती आंकड़ों के अनुसार है।
एक साल पहले क्या थे आकड़े?
रिफंड को घटाने के बाद, जीएसटी राजस्व इस महीने में 25.6 प्रतिशत बढ़कर 2.03 लाख करोड़ रुपये हो गया। वहीं, अक्तूबर 2025 में यह 1.61 लाख करोड़ रुपये था। सकल कलेक्शन में इस वृद्धि को आयात से प्राप्त राजस्व में 42.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी का समर्थन मिला। आयात से प्राप्त राजस्व 72,246 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 50,796 करोड़ रुपये था। घरेलू जीएसटी राजस्व में भी 15.8 प्रतिशत की अच्छी वृद्धि दर्ज की गई और यह 1.37 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.59 लाख करोड़ रुपये हो गया।
घरेलू कलेक्शन के अंतर्गत, केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) 42,935 करोड़ रुपये रहा, जबकि राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) कलेक्शन 51,340 करोड़ रुपये रहा। घरेलू लेन-देन से प्राप्त एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) कलेक्शन 64,769 करोड़ रुपये रहा।
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अक्तूबर के दौरान कुल रिफंड सालाना आधार पर 6.5 प्रतिशत बढ़कर 27,934 करोड़ रुपये हो गए। घरेलू रिफंड 9.8 प्रतिशत बढ़कर 14,007 करोड़ रुपये हो गए, जबकि आयात पर रिफंड 3.4 प्रतिशत बढ़कर 13,927 करोड़ रुपये हो गए।
शुद्ध आधार पर, घरेलू जीएसटी राजस्व 16.4 प्रतिशत बढ़कर 1.45 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि सीमा शुल्क (कस्टम्स) से जुड़े जीएसटी संग्रह से प्राप्त शुद्ध राजस्व 56.2 प्रतिशत बढ़कर 58,319 करोड़ रुपये हो गया।
सालाना आधार पर कितनी प्रतिशत की वृद्धि हुई?
प्रमुख राज्यों में, महाराष्ट्र ने 35,150 करोड़ रुपये का घरेलू जीएसटी राजस्व दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 13 प्रतिशत की वृद्धि है। गुजरात का संग्रह 16 प्रतिशत बढ़कर 13,516 करोड़ रुपये हो गया, जबकि कर्नाटक में 18 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 15,922 करोड़ रुपये का संग्रह दर्ज किया गया। हरियाणा का संग्रह 17 प्रतिशत बढ़कर 11,529 करोड़ रुपये हो गया।
असम ने राज्यों के बीच सबसे बड़ी वृद्धि दर्ज की, जहां संग्रह 47 प्रतिशत बढ़कर 1,934 करोड़ रुपये हो गया। उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों में 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कुल मिलाकर, अप्रैल-अक्तूबर 2026-27 के दौरान सकल जीएसटी संग्रह 13.2 प्रतिशत बढ़कर 14.77 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में यह 13.05 लाख करोड़ रुपये था। सात महीने की इस अवधि के दौरान शुद्ध जीएसटी राजस्व 12.6 प्रतिशत बढ़कर 12.69 लाख करोड़ रुपये हो गया।
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एक साल पहले क्या थे आकड़े?
रिफंड को घटाने के बाद, जीएसटी राजस्व इस महीने में 25.6 प्रतिशत बढ़कर 2.03 लाख करोड़ रुपये हो गया। वहीं, अक्तूबर 2025 में यह 1.61 लाख करोड़ रुपये था। सकल कलेक्शन में इस वृद्धि को आयात से प्राप्त राजस्व में 42.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी का समर्थन मिला। आयात से प्राप्त राजस्व 72,246 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 50,796 करोड़ रुपये था। घरेलू जीएसटी राजस्व में भी 15.8 प्रतिशत की अच्छी वृद्धि दर्ज की गई और यह 1.37 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.59 लाख करोड़ रुपये हो गया।
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घरेलू कलेक्शन के अंतर्गत, केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) 42,935 करोड़ रुपये रहा, जबकि राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) कलेक्शन 51,340 करोड़ रुपये रहा। घरेलू लेन-देन से प्राप्त एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) कलेक्शन 64,769 करोड़ रुपये रहा।
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अक्तूबर के दौरान कुल रिफंड सालाना आधार पर 6.5 प्रतिशत बढ़कर 27,934 करोड़ रुपये हो गए। घरेलू रिफंड 9.8 प्रतिशत बढ़कर 14,007 करोड़ रुपये हो गए, जबकि आयात पर रिफंड 3.4 प्रतिशत बढ़कर 13,927 करोड़ रुपये हो गए।
शुद्ध आधार पर, घरेलू जीएसटी राजस्व 16.4 प्रतिशत बढ़कर 1.45 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि सीमा शुल्क (कस्टम्स) से जुड़े जीएसटी संग्रह से प्राप्त शुद्ध राजस्व 56.2 प्रतिशत बढ़कर 58,319 करोड़ रुपये हो गया।
सालाना आधार पर कितनी प्रतिशत की वृद्धि हुई?
प्रमुख राज्यों में, महाराष्ट्र ने 35,150 करोड़ रुपये का घरेलू जीएसटी राजस्व दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 13 प्रतिशत की वृद्धि है। गुजरात का संग्रह 16 प्रतिशत बढ़कर 13,516 करोड़ रुपये हो गया, जबकि कर्नाटक में 18 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 15,922 करोड़ रुपये का संग्रह दर्ज किया गया। हरियाणा का संग्रह 17 प्रतिशत बढ़कर 11,529 करोड़ रुपये हो गया।
असम ने राज्यों के बीच सबसे बड़ी वृद्धि दर्ज की, जहां संग्रह 47 प्रतिशत बढ़कर 1,934 करोड़ रुपये हो गया। उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों में 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कुल मिलाकर, अप्रैल-अक्तूबर 2026-27 के दौरान सकल जीएसटी संग्रह 13.2 प्रतिशत बढ़कर 14.77 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में यह 13.05 लाख करोड़ रुपये था। सात महीने की इस अवधि के दौरान शुद्ध जीएसटी राजस्व 12.6 प्रतिशत बढ़कर 12.69 लाख करोड़ रुपये हो गया।