फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   anant-singh-19-crore-election-expense-viral-audio-gunjan-singh-neelam-devi-munger-2019

बिहार: 'पत्नी के चुनाव में खर्च किए 19 करोड़, कांग्रेस ने दिए थे सिर्फ 8 लाख रुपये', अनंत सिंह का दावा

Tue, 03 Nov 2026 06:57 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: पटना ब्यूरो Updated Tue, 03 Nov 2026 06:57 PM IST
सार

बिहार के पूर्व विधायक अनंत सिंह और गायक गुंजन सिंह की बातचीत का एक पुराना कथित ऑडियो वायरल हो रहा है। इसमें अनंत सिंह कथित तौर पर दावा कर रहे हैं कि 2019 के मुंगेर लोकसभा चुनाव में पत्नी नीलम देवी के प्रचार पर उन्होंने 19 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि कांग्रेस ने केवल आठ लाख रुपये दिए थे।

विज्ञापन
anant-singh-19-crore-election-expense-viral-audio-gunjan-singh-neelam-devi-munger-2019
अनंत सिंह। फाइल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पटना के मोकामा के चर्चित पूर्व विधायक अनंत सिंह और गायक गुंजन सिंह के बीच बातचीत का एक पुराना कथित ऑडियो टेप इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस ऑडियो टेप से 2019 के मुंगेर लोकसभा चुनाव के दौरान हुए भारी चुनावी खर्च को लेकर चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है।

विज्ञापन


बातचीत के दौरान बाहुबली नेता अनंत सिंह कथित तौर पर स्वीकार करते हैं कि 2019 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने वाली उनकी पत्नी नीलम देवी के प्रचार अभियान पर उन्होंने 19 करोड़ रुपये खर्च कर दिए थे। उलाहना भरे अंदाज में वह यह भी कहते हैं कि कांग्रेस ने उन्हें केवल आठ लाख रुपये ही दिए थे।

विज्ञापन

यह राशि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित चुनावी खर्च की कानूनी सीमा से बहुत अधिक है। नियमों के अनुसार, लोकसभा चुनाव में कोई भी प्रत्याशी अधिकतम 95 लाख रुपये ही खर्च कर सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

चुनाव आयोग के नियम क्या कहते हैं?
चुनाव आयोग के नियमानुसार, लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी के लिए अधिकतम चुनावी खर्च की सीमा 95 लाख रुपये और विधानसभा चुनाव में 40 लाख रुपये निर्धारित है। अनंत सिंह के कथित दावे के मुताबिक, उन्होंने निर्धारित सीमा से करीब 20 गुना अधिक धन खर्च किया। हालांकि, इसके बावजूद वह अपनी पत्नी नीलम देवी को जीत नहीं दिला सके।

2019 के उस चुनाव में नीलम देवी का सीधा मुकाबला जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रत्याशी राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से था। ललन सिंह ने नीलम देवी को पराजित किया था। हालांकि, बाद के समय में अनंत सिंह और ललन सिंह के आपसी संबंध काफी बेहतर हो गए। वर्तमान में ललन सिंह केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में जदयू कोटे से कैबिनेट मंत्री हैं।

कथित वायरल ऑडियो और चुनाव परिणाम
हालांकि, इस वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बातचीत में शामिल लोगों की आवाज और बोलने के लहजे से यह संवाद अनंत सिंह और गुंजन सिंह के बीच का बताया जा रहा है। बातचीत के विवरण से संकेत मिलता है कि यह चर्चा 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान नवादा सीट पर मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हुई थी।

नवादा लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने वाले गायक गुंजन सिंह को कुल 29,682 वोट मिले थे। वह अपनी जमानत तक नहीं बचा सके थे। बातचीत की शुरुआत में गुंजन सिंह मतदान समाप्त होने के बाद अपनी हार या जीत की संभावनाओं को लेकर अनंत सिंह से फीडबैक मांगते हैं। इस पर शुरुआती हंसी-मजाक के बाद अनंत सिंह कहते हैं कि चुनाव में उनकी जमानत बचना भी काफी मुश्किल है।

मतों का आकलन और हिदायत
अनंत सिंह बातचीत में कहते हैं कि गुंजन सिंह को एक लाख वोट तो अगले जन्म में भी नहीं मिल सकते। वह अनुमान लगाते हैं कि उन्हें 15 से 20 हजार से ज्यादा वोट मिलना मुश्किल है। अनंत सिंह याद दिलाते हैं कि उन्होंने पहले ही चुनाव में पैसा नहीं डुबाने की सलाह दी थी। इसके साथ ही वह गुंजन सिंह को हिदायत देते हैं कि अब मतगणना के दिन किसी भी तरह का धन खर्च न करें।

ये भी पढ़ें- अनंत सिंह: बिहार की राजनीति के 'छोटे सरकार' किसे गिफ्ट करेंगे थार? साेनू सूद, पवन सिंह को भी शादी में बुलावा

चुनावी खर्च और राजनीतिक सलाह
बातचीत आगे बढ़ने पर जब चुनावी खर्च की चर्चा होती है, तो गुंजन सिंह नवादा में भारी रकम खर्च होने का जिक्र करते हैं। इस पर अनंत सिंह अपने अनुभव का उदाहरण देते हुए बताते हैं कि 2019 के मुंगेर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने उन्हें खर्च के लिए केवल आठ लाख रुपये दिए थे, जबकि उन्होंने अपनी पत्नी के चुनाव प्रचार पर 19 करोड़ रुपये खर्च कर दिए थे।

बातचीत के अंतिम हिस्से में अनंत सिंह गुंजन सिंह के प्रति अपना आत्मीय लगाव जताते हुए सलाह देते हैं कि भविष्य में जब किसी प्रमुख राजनीतिक दल का टिकट मिले, तभी चुनाव लड़ना चाहिए। अन्यथा निर्दलीय चुनाव लड़कर अपने पैसे बर्बाद नहीं करने चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed