देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार NEET-UG 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल करने वाले लुधियाना के आर्यन गुप्ता की सफलता के पीछे बचपन का एक भावुक संकल्प छिपा है। तीसरी कक्षा में अपनी दादी को चौथी स्टेज के कैंसर से जूझते देखने के बाद उन्होंने डॉक्टर बनने का फैसला किया। री-NEET 2026 में 720 में से 715 अंक हासिल करने वाले आर्यन अब ऑन्कोलॉजिस्ट बनकर कैंसर के इलाज और रिसर्च के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं, ताकि भविष्य में मरीजों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सके।
आर्यन के लिए यह सफर आसान नहीं रहा। पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा परीक्षा होने से उन्हें मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और देश में पहला स्थान हासिल किया। इस बार NEET-UG 2026 री-टेस्ट में 11.21 लाख अभ्यर्थी सफल हुए, जबकि 138 छात्रों ने 690 से अधिक अंक प्राप्त किए। अब सभी सफल उम्मीदवार मेडिकल, डेंटल, आयुष और अन्य पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे।