16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में निर्भया के साथ हुई घटना को लेकर देश प्रदेश ही नहीं पूरी दुनिया में हंगामा मचा। घटना के पांच साल बाद भी बलिया जिले स्थित बिटिया के गाँव में लोग याद कर सिहर उठते है। लोगों के जेहन में आज भी घटना जीवंत है।
बिटिया के गाँव के लोग बताते है कि घटना के बाद कमोवेश सभी दलों के नेता एक से बढ़कर एक आश्वासन देने में जुट गए। प्रदेश सरकार के मुखिया तो बिटिया के गांव में भी पहुंचे और गांव का विकास कराने औऱ निर्भया के परिवार के 5 बेरोजगारों को नौकरी देने की बात कही।
गांव के लालजी सिंह का कहना है कि निर्भया कांड में सुप्रीम कोर्ट ने जो रुख अपनाया उससे समाज में एक सबक लोगों को मिली। उनका मानना है इससे समाज में अपराध करने वालों को एक कड़ी सीख मिलेगी एवं आगे से कोई अपराध करने से डरेगा। इससे एक निर्भया को ही नहीं सैकड़ों निर्भया को उनकी आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि है।