काशी विश्वनाथ मंदिर के सुगम दर्शन और मंगला आरती के फर्जी टिकट बेचने वालों के निशाने पर दक्षिण भारतीय श्रद्धालु ही थे। इसमें टूरिस्ट गाइड इरफान हैदर और ट्रेवल एजेंट शुभम अधिकारी की अहम भूमिका रहती थी। इरफान और शुभम ही श्रद्धालुओं को कैंट रेलवे स्टेशन स्थित विश्वनाथ मंदिर के हेल्प डेस्क पर ले जाकर कर्मचारी शुभम पांडेय से फर्जी टिकट दिलाता था। फिलहाल, इस प्रकरण में पुलिस को शुभम अधिकारी की तलाश है।
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विश्वनाथ मंदिर में मंगलवार की शाम एक दक्षिण भारतीय श्रद्धालु के पास से सिक्योरिटी एप की मदद से आरती का फर्जी टिकट पकड़ा गया। श्रद्धालु ने बताया कि उसने आरती का टिकट कैंट रेलवे स्टेशन स्थित विश्वनाथ मंदिर के हेल्प डेस्क से खरीदा है। इस आधार पर मंदिर प्रशासन ने जांच कराई। फिर, हेल्प डेस्क प्रभारी की तहरीर के आधार पर आउटसोर्सिंग कर्मचारी खोवा गली निवासी शुभम पांडेय, बड़ी पटिया के अरुण पांडेय, शिवाला के इरफान हैदर और सोनारपुरा के शुभम अधिकारी के खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। चौक थाने की पुलिस ने शुभम पांडेय, अरुण पांडेय और इरफान हैदर को गिरफ्तार कर लिया है। शुभम अधिकारी की तलाश की जा रही है। तीनों आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि दक्षिण भारतीय श्रद्धालु सीधे होते हैं। इसी वजह से दक्षिण भारतीय श्रद्धालुओं को निशाना बनाते थे। उन्हें नहीं पता था कि मंदिर प्रशासन ने नए सिक्योरिटी एप से टिकटों की स्कैनिंग शुरू करा दी है। अगर जानकारी होती तो वह यह काम नहीं करते।