जरतौली गांव में स्कूल भवन से टकराती रामगंगा नदी की लहरें। संवाद
दातागंज। रामगंगा नदी का जलस्तर भले ही नहीं बढ़ रहा, लेकिन सिमरिया गांव के पास बाढ़ खंड की ओर से बचाव के लिए लोहे के जाल में लगाए गए रेत से भरे कट्टे ढहने शुरू हो गए हैं। लहरें भवन की दीवार से टकरा रही हैं। अंदर ही अंदर कटान के कारण रेत के बोरे नदी में समाते जा रहे हैं। वहीं जरतौली गांव में स्कूल भवन को खतरा पैदा हो गया है। किसी भी समय भवन नदी में समा सकता है।
रामगंगा का जलस्तर घटने पर क्षेत्र के लोगों ने राहत महसूस की थी, लेकिन अब नदी के बहाव का रुख सिमरिया गांव की तरफ मुड़ता जा रहा है। बाढ़ खंड ने गांव बचाने के लिए रेत की बोरी लगाकर जो सुरक्षा कवच बनाया था, वह बाढ़ तो दूर जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी में ही टूट गया।
इसी ग्राम पंचायत के मजरा जरतौली में रामगंगा का पानी विद्यालय भवन से टकरा रहा है। ग्राम प्रधान अवनीश कश्यप ने बताया कि जिस ढंग से लहरें विद्यालय के भवन से टकरा रही हैं, उससे भवन किसी भी समय ढह सकता है। नदी के कटान से मकानों की भी दूरी मात्र दो-तीन मीटर रह गई है।
इधर, एसडीएम विनोद कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल भवन को नुकसान होने के संबंध में बाढ़ खंड से जानकारी करा रहे हैं। मौके की स्थिति भी दिखवाई जा रही है।