अयोध्या। दसवें दीपोत्सव पर रामनगरी में परंपरा, संस्कृति और विकास का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। इस बार दीपोत्सव की शोभायात्रा पहली बार रामलीला के सोलह शृंगार के साथ निकाली जाएगी। साकेत महाविद्यालय से निकलने वाली 21 भव्य झांकियों के माध्यम से योगी सरकार की उपलब्धियों और रामायण के सातों कांडों को प्रदर्शित किया जाएगा। सूचना विभाग की ओर से सरकार की उपलब्धियों पर आधारित 14 झांकियां निकाली जाएंगी।
साकेत महाविद्यालय परिसर में झांकियों के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। इस बार पहली बार अयोध्या की 16 टीमें रामलीला के विभिन्न प्रसंगों को शोभायात्रा के रूप में प्रस्तुत करती नजर आएंगी। इनके साथ देश के विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं और नृत्य भी रामपथ की रौनक बढ़ाएंगे। हरियाणा का फाग और केरल का कथककली आयोजन के विशेष आकर्षण होंगे।
अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार एवं विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि दीपोत्सव में 14 प्रदेशों के साथ उत्तर प्रदेश की 11 टीमें लोक संस्कृति के रंग बिखेरेंगी। हरियाणा का फाग, केरल का कथककली, राजस्थान का झूमर, पंजाब का भांगड़ा, ओडिशा का संबलपुरी, गाजीपुर का डिबिया नृत्य तथा पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश की लोक कलाएं आयोजन के मुख्य आकर्षण होंगे।
लगभग 650 से अधिक कलाकार अपनी रंगारंग प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लेंगे। इस बार झांकियों के निर्माण में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि वे रात के समय भी आकर्षक नजर आएं और दीपों की रोशनी में उनकी भव्यता और निखरे।