मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र दाखिल किया था। इस तरह अन्य मामलों में पूर्व सीएम अखिलेश यादव, रालोद प्रमुख जयंत चौधरी के खिलाफ भी नोएडा में ही एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके खिलाफ सभी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
कोर्ट ने राहत देते हुए इनके खिलाफ शुरू हुई आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। हालांकि, शासकीय अधिवक्ता आशुतोष कुमार ने कोर्ट को जानकारी दी कि इन मामलों में आपराधिक कार्रवाई की जानी है अथवा नहीं, इस बारे में राज्य सरकार को फैसला लेना है। सरकार का नीतिगत मामला होने की वजह से लोकसभा चुनाव तक फैसला होना संभव नहीं है। लिहाजा कोर्ट ने सभी मामलों की सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तारीख नियत की है।