राज्यपाल कविंद्र गुप्ता का विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वागत किया। दौरे के दौरान उन्हें विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक पहलों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर की अवधारणा और कार्यप्रणाली पर प्रस्तुति दी गई, जो विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, भावनात्मक मजबूती, नैतिक मूल्यों और जीवन कौशल विकसित करने के उद्देश्य से संचालित एक आवासीय कार्यक्रम है।
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने सोमवार को पुणे स्थित एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी का दौरा किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के नेतृत्व के साथ उच्च शिक्षा, नेतृत्व विकास, शोध एवं छात्र कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता का विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वागत किया। दौरे के दौरान उन्हें विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक पहलों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर की अवधारणा और कार्यप्रणाली पर प्रस्तुति दी गई, जो विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, भावनात्मक मजबूती, नैतिक मूल्यों और जीवन कौशल विकसित करने के उद्देश्य से संचालित एक आवासीय कार्यक्रम है।
विज्ञापन
राज्यपाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल पारंपरिक शिक्षा की सीमाओं से आगे बढ़कर छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल शैक्षणिक उपलब्धियां ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और भावनात्मक संतुलन जैसे गुण भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने इच्छा जताई कि हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थियों को भी इस प्रकार के परिवर्तनकारी कार्यक्रमों का लाभ मिलना चाहिए। दौरे के दौरान राज्यपाल को एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट की गतिविधियों से भी अवगत कराया गया। उन्होंने कहा कि सुशासन, सार्वजनिक नेतृत्व और नीति निर्माण के क्षेत्र में इस प्रकार के संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बदलते प्रशासनिक परिदृश्य में युवा नेतृत्व को तैयार करने के लिए ऐसे प्रयास समय की मांग हैं।
हिमाचल प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होने के नाते राज्यपाल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, चरित्र निर्माण और विद्यार्थियों का समग्र विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों और एमआईटी विवि के बीच शोध, नवाचार, शासन अध्ययन तथा छात्र विकास कार्यक्रमों के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशने की बात कही।