संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के कुछ क्षेत्र कचरे और गंदगी के ढेर में बदलते जा रहे हैैं। पर्यटन सीजन शुरू हो चुका है लेकिन शहर की सड़कों और पहाड़ियों पर फैला कूड़ा पर्यटकों को निराश कर रहा है।
अधिकांश पर्यटक सबसे पहले लिफ्ट पार्किंग पहुंचते हैं और यहीं से शिमला का असली दृश्य सामने आता है। यहां गंदगी से भरीं सीढ़ियां, बदबूदार नाला और प्लास्टिक कचरे का अंबार लगा है। लिफ्ट पार्किंग के पास बहने वाला नाला स्थायी रूप से कूड़ा फेंकने का स्थल बन चुका है। कई बार सफाई अभियान चलाए गए लेकिन नतीजा जीरो रहा। शिमला में प्रवेश करते ही सबसे पहले यही गंदगी पर्यटकों का स्वागत करती है।
सर्कुलर और कार्ट रोड जैसे प्रमुख मार्गों के किनारे भी प्लास्टिक रैपर, बोतलें तथा घरेलू कचरा खुले में पड़ा मिलता है। जंगलों और पहाड़ियों की हालत इससे भी ज्यादा चिंताजनक है। संजौली से समरहिल तक की ढलानों पर जगह-जगह कूड़ा जमा है। कनलोग, बालूगंज, विकासनगर और पंथाघाटी में भी यही स्थिति बनी हुई है। शहर में हाल ही में समाधान शिविर लगाए गए जहां हर वार्ड में लोगों की समस्याएं सुनी गईं। अधिकतर शिकायतें सफाई व्यवस्था, नियमित कूड़ा न उठाने और प्लास्टिक कचरे से जुड़ीं थीं।