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Rajasthan: राजस्थान ट्रांसफर लिस्ट में बड़ा गड़बड़झाला! एक ही अधिकारी के दो जिलों में तबादले का आदेश

Fri, 17 Jul 2026 12:01 PM IST
सलूंबर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सलूंबर

सार

Rajasthan News: राजस्थान सरकार की हालिया स्थानांतरण सूची में एक ही अधिकारी के दो अलग-अलग विभागों से दो अलग-अलग जिलों में तबादले का मामला सामने आया है। सहायक अभियंता बुद्धिप्रकाश खोईवाल को कृषि विभाग ने प्रतापगढ़ और पंचायतीराज विभाग ने उदयपुर भेज दिया। अब इस विरोधाभासी स्थिति ने विभागीय समन्वय और स्थानांतरण प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
 
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सहायक अभियंता बुद्धिप्रकाश खोईवाल का दो जगह हुआ ट्रांसफर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य सरकार की हाल ही में जारी स्थानांतरण सूची में एक ही अधिकारी के दो अलग-अलग विभागों से दो अलग-अलग स्थानों पर तबादला होने का मामला सामने आया है। इससे विभागीय समन्वय और स्थानांतरण प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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कृषि विभाग ने प्रतापगढ़ किया स्थानांतरण
मामला पंचायत समिति जयसमंद में कार्यरत सहायक अभियंता बुद्धिप्रकाश खोईवाल का है। कृषि (ग्रुप-1) विभाग द्वारा जारी आदेश में राजस्थान कृषि (अभियांत्रिकी) सेवा के अधिकारी बुद्धिप्रकाश खोईवाल का स्थानांतरण सहायक अभियंता (मनरेगा), पंचायत समिति जयसमंद, जिला सलूम्बर से सहायक अभियंता, जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण, पीपलखूंट, जिला प्रतापगढ़ किया गया था।

पंचायतीराज विभाग ने उदयपुर भेज दिया
इसके बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की ओर से जारी दूसरी स्थानांतरण सूची में भी बुद्धिप्रकाश खोईवाल का तबादला पंचायत समिति जयसमंद से पंचायत समिति झाड़ोल, जिला उदयपुर कर दिया गया।
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झाड़ोल में संभाल लिया कार्यभार
जानकारी के अनुसार पंचायत समिति जयसमंद के खंड विकास अधिकारी ने पंचायतीराज विभाग के आदेश के आधार पर उन्हें कार्यमुक्त कर झाड़ोल भेज दिया, जहां उन्होंने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया।

कैडर और आदेश पर उठे सवाल
यहीं से पूरा मामला सवालों के घेरे में आ गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार बुद्धिप्रकाश खोईवाल की मूल नियुक्ति राजस्थान कृषि (अभियांत्रिकी) सेवा में है। ऐसे में उनके मूल विभाग यानी कृषि (अभियांत्रिकी) विभाग ने भी अलग से स्थानांतरण आदेश जारी कर उन्हें पीपलखूंट, जिला प्रतापगढ़ पदस्थापित किया था। सामान्यतः मूल विभाग के आदेश के अनुरूप ही अधिकारी को नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करना होता है।

आखिर किस विभाग का आदेश होगा प्रभावी?
ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब मूल विभाग कृषि (अभियांत्रिकी) का था और उसी विभाग ने प्रतापगढ़ में पदस्थापन का आदेश जारी किया था, तो अधिकारी ने पंचायतीराज विभाग के आदेश के आधार पर झाड़ोल में कार्यभार क्यों ग्रहण किया? क्या मूल विभाग के आदेश की अनदेखी की गई या फिर दोनों विभागों के आदेशों के बीच समन्वय का अभाव रहा?

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सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
प्रशासनिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर है। अब सबकी नजर राज्य सरकार और संबंधित विभागों पर है कि इस विरोधाभासी स्थिति को स्पष्ट करने के लिए कौन-सा आदेश अंतिम रूप से प्रभावी माना जाएगा और अधिकारी की वैध पदस्थापना किस स्थान पर निर्धारित की जाएगी।
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