अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ द्वारा आयोजित अमीन की परीक्षा का पेपर रविवार को लीक हो गया। राजधानी व आगरा में एक-एक और मेरठ में चार परीक्षार्थियों को पकड़ा गया है। परीक्षा शुरू होने से पहले ही परीक्षार्थी को उसके मोबाइल नंबर पर वाट्स एप के जरिये आंसर की भेजी गई।
परीक्षार्थी ने आंसर की पर्ची पर उतारी और परीक्षा कक्ष के अंदर पहुंच गया। हालांकि उड़ाका दल की निगाह पड़ने से वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका। लेकिन परीक्षार्थी के पास आंसर की मिलने से पेपर आउट होने की बात कही जा रही है।
घटना राजधानी के केशवनगर स्थित सुरभि इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र की है। कॉलेज की प्रिंसिपल रंजना गंगवार की ओर से इस संबंध में मड़ियांव कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
सुरभि इंटर कॉलेज में सुबह दस बजे से यह परीक्षा होनी थी। परीक्षा शुरू होने के थोड़ी देर बाद ही उड़ाका दल को परीक्षार्थी दयानंद पुत्र रामासरे पर शक हुआ। गोरखपुर निवासी दयानंद की जब तलाशी ली गई तो उसके पास ए और बी सेट के पेपर की आंसर की पर्ची पर लिखी हुई मिली।
दोस्त ने भेजी थी आंसर-की
डेमो पिक
पूछताछ करने पर दयानंद ने कबूला कि आंसर की उसे मोबाइल पर वाट्सएप के जरिये उसके दोस्त ने भेजी थी। प्रिंसिपल रंजना गंगवार ने इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन और पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे एसडीएम शैलेंद्र मिश्र और मड़ियांव पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की।
पता चला कि दयानंद ने नजदीक के अमन मेडिकल स्टोर पर अपना मोबाइल फोन रखा हुआ है। मोबाइल फोन चेक किया गया तो उसमें वाट्स एप के जरिये देवरिया के किसी अमित के नाम से आंसर की भेजी गई थी। उसे प्रश्नपत्र की ए और बी दोनों सीरीज भेजी गई थीं।
परीक्षार्थी को प्रश्नपत्र का बी सेट दिया गया था। इसके बाद प्रिंसिपल ने मामले की एफआईआर मड़ियांव थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी परीक्षार्थी को हिरासत में ले लिया है।
उधर, आगरा के ताजगंज स्थित नगर निगम इंटर कॉलेज में एक परीक्षार्थी सभी प्रश्नों के उत्तर एक पर्ची पर लिखकर लाया था। केंद्र व्यवस्थापक ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पकड़े गए परीक्षार्थी ने अपना नाम कुलदीप पुत्र यशवीर निवासी गांव रसूलपुर साकलपूठी, थाना चंदन हेड़ी, बागपत बताया।
सुबह दस बजे परीक्षा शुरू होने के बाद उसके पास नकल की पर्ची देख एक परीक्षार्थी युवती को शक हो गया। उसने कक्ष निरीक्षक को बताया। इस पर कक्ष निरीक्षक ने कुलदीप को पकड़ लिया। एसडीएम सुनील वर्मा ने उससे पूछताछ की।
घटना में सॉल्वर गैंग के होने की आशंका
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उसने बताया कि उसके मोबाइल पर आंसर शीट भेजी गई। इसके बाद उसका मोबाइल चेक किया गया तो उसमें वाट्स एप पर अमीन के नाम से बनाया गया एक ग्रुप मिला।
जिस पर तकरीबन आठ बजे दोनों पालियों की परीक्षा में आने वाले प्रश्नों के सभी उत्तर की आंसर शीट आ चुकी थी।
प्राचार्य अशोक कुमार की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ धारा 420, 379, 426 और 66 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। मोबाइल को साइबर सेल में जांच के लिए भेजा गया है।
जिस तरह परीक्षार्थी को आंसर की भेजी गई है उससे इस मामले में किसी बड़े सॉल्वर गैंग के होने की आशंका है। लखनऊ में जिस परीक्षार्थी के पास आंसर की मिली है वह गोरखपुर का रहने वाला है जबकि आंसर की देवरिया से भेजी गई है।
माना जा रहा है कि यह आंसर की राजधानी के अलावा देवरिया से ही पूरे प्रदेश के अलग-अलग शहरों में भेजी गई है। आंसर की परीक्षा शुरू होने से पहले सुबह नौ बजकर 11 मिनट पर भेजी गई थी। इससे साफ है कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही सॉल्वर्स के पास पेपर था।
पेपर आउट कराने में हाथरस और बागपत के गैंग की भूमिका भी हो सकती है। पहली पाली की परीक्षा से दो घंटे पहले ही दोनों परीक्षा के पेपर वाट्स एप पर भेज दिए गए। आशंका है कि 14-14 लोगों के ग्रुप बनाकर आंसर शीट को अलग-अलग ग्रुप पर भेजा गया है। यह परीक्षा कई जिलों में हुई थी।