अखिलेश ने कहा कि पीडीए समाज को कलंकित व अपमानित करने के लिए भाजपा नेता और उनके संगी-साथी ये कुत्सित झूठ प्रचारित-प्रसारित कर रहे हैं। पीडीए समाज एकजुट होकर इसका जवाब देगा। चढ़ावा-चंदा-दान चोरों का गिरोह जनाक्रोश के डर से अब अपने घरों में दुबका बैठा है और षड्यंत्र कर रहा है। अगर मुखबिरों के वंशंजों में साहस है तो अपने अयोध्यावासियों के सामने सरयू का जल हाथ में उठाकर ये बात कहें।
अखिलेश की 10 मिनट में पोस्ट हटाने की चेतावनी के बाद भी डॉ. निशिकांत दुबे ने पोस्ट नहीं हटाई। इतना ही नहीं अखिलेश की एफआईआर की चेतावनी वाली इस पोस्ट को टैग करते हुए डॉ. निशिकांत दुबे लिखते हैं-जल्दी करिए, इतना परेशान क्यों हैं? प्रश्न ही तो पूछा है। 1990 में राम भक्त पर गोली किसने चलवाई। मैं भी इस सवाल को लेकर अदालत जाऊंगा।