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चाय की दुकान चलाने वाले की लाडली ने 491 अंकों के साथ जिले में किया टॉप

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सोनीपत। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी किए गए परीक्षा परिणाम में बेटियों का डंका बजा है। बेटियों ने इस बार भी बेटों को पछाड़ते हुए जिले के पहले तीन स्थानों पर कब्जा किया है। कच्चे क्वार्टर मार्केट में चाय की दुकान चलाने वाले सुधीर कुमार की लाडली बरखा ने वाणिज्य संकाय में 491 अंक लेकर जिले में टॉप किया है। बरखा सोनीपत के गीता विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा है। लाडली की उपलब्धि पर माता-पिता फूले नहीं समां रहे। वहीं रिश्तेदार भी सफलता पर बधाई दे रहे हैं। सुधीर कुमार का कहना है कि लाडली ने गौरवान्वित होने के ऐसे क्षण दिए हैं, जिन्हें कभी नहीं भुला सकता।
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परीक्षा परिणाम में हिंदू कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सोनीपत की छात्रा मेघा व भगत फूल सिंह पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चटिया ओलिया की अंजलि ने 488 अंक लेकर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। वहीं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बैंयापुर लहराड़ा की नेहा व गोहाना के जीवन ज्योति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ढुराना की रीतु 487 अंक लेकर जिले में तीसरे स्थान पर रही। लाडलियों की उपलब्धि पर परिजनों में खुशी की लहर है। सभी ने बेटियों को मिठाई खिलाकर उनकी सफलता पर बधाई दी। जिले में टॉप करने वाली छात्राओं ने अपनी सफलता के पीछे कड़ी मेहनत व कुशल मार्गदर्शन को बताया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व अध्यापकों को दिया।
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सिर्फ पढ़ाई पर रखा फोकस
कोरोना काल में ऑनलाइन कक्षाएं लगती थीं। मोबाइल पर भी अन्य चीजों की तरफ ध्यान देने के बजाय केवल पढ़ाई पर ही फोकस रखा। ऑनलाइन कक्षाओं के अलावा भी रोजाना 6 से 7 घंटे पढ़ाई को दिए। जो प्रश्न समझ नहीं आते थे, उस बारे में अध्यापिकाओं से पूछती थी। विषय को समझने के साथ ही पुस्तकें उपलब्ध करवाने में भी अध्यापिकाओं ने पूरा सहयोग दिया। पिता ने भी दोनों बहनों को हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मां रश्मि ने भी कभी घर का काम नहीं करवाया। खाने-पीने के साथ ही मां यह भी ध्यान रखती थी कि पढ़ाई कर रही हैं या नहीं। मैं आगे आईटी क्षेत्र में जाना चाहती हूं।- बरखा, गीता विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सोनीपत
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रात 12 बजे तक की पढ़ाई
मैं एनडीए में जाना चाहती हूं। इसके लिए स्कूल समय के अलावा भी रात 12 बजे तक पढ़ती रही। परीक्षा में सभी पेपर अच्छे हुए थे। मुझे पूरी उम्मीद थी कि परीक्षा परिणाम बेहतर आएगा। पिता सितेंद्र एक निजी कंपनी में काम करते हैं और मां मोनिका गृहिणी हैं। माता-पिता ने मुझे व छोटे भाई को हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। कोरोना काल में हमारी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए पिता ने शुरू से ही ट्यूशन लगवा दिया था। अध्यापकों ने भी मार्गदर्शन किया। कड़ी मेहनत, माता-पिता व अध्यापकों के सहयोग से यह सफलता हासिल की है। इसे आगे भी जारी रखना चाहूंगी। मैं अपने गांव बड़वासनी का नाम रोशन करुंगी। -मेघा, हिंदू कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सोनीपत,
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सीए बनना चाहती हूं
12वीं में परीक्षा की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत की थी। सभी पेपर अच्छे हुए थे। पूरी उम्मीद थी कि बेहतर अंक आएंगे। ऑनलाइन कक्षा के अलावा सेल्फ स्टडी पर ज्यादा फोकस किया। स्कूल समय के अलावा दिन में पढ़ाई को 5 से 6 घंटे तक का समय दिया। पिता सुरेश यादव एक निजी कंपनी में काम करते हैं। चार बहनों में मैं सबसे बड़ी हूं। पिता ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए ही प्रोत्साहित किया। मेरा सपना सीए बनने का है, अब आगे अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी मेहनत करूंगी। मोहन नगर स्थित घर पर लगातार बधाई देने वाले पहुंच रहे है। मैं उनकी उम्मीदों पर खरी उतरुंगी।- नेहा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बैंयापुर लहराड़ा
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अंजलि ने जिले में दूसरा व ब्लाक में पहला स्थान पाया
गन्नौर। चटिया औलिया गांव के भगत फूल सिंह पब्लिक स्कूल की छात्रा अंजलि ने 500 में से 488 अंक हासिल कर जिले में दूसरा व ब्लाक में पहला स्थान हासिल किया है। वह एक साधारण परिवार से संबंध रखती है। पिता देवेंद्र सिंह का देहांत हो गया था। जिसके बाद से उसके दादा राय सिंह ने उसकी परवरिश कर रहे हैं। दादा राय सिंह पेशे से किसान हैं, जबकि उनकी माता संतोष गृहणी हैं। अंजलि ने बताया कि उसे यह सफलता उनके दादा व अध्यापकों के कारण ही मिली है। अंजलि की कामयाबी पर स्कूल प्राचार्य सुरेंद्र खत्री ने भी बधाई दी। अंजलि ने बताया कि परीक्षा के दौरान स्कूल से आने के बाद रात 11 बजे तक व सुबह 3 बजे से सुबह 5 बजे तक पढ़ाई करती थी। वह अब स्नातक करने के साथ ही यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करेगी।
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रितु बनना चाहती है आईएएस
गोहाना। गांव ढुराना की रितु 487 अंक प्राप्त कर जिले में तीसरे स्थान पर रही। इससे पूरे गांव में खुशी की लहर है। ग्रामीणों व स्कूल प्रबंधन ने उसे घर पहुंच कर सम्मानित किया। रितु के पिता दलबीर खेती करते हैं और माता निर्मला गृहिणी हैं। रितु का कहना है कि उसका सपना आईएएस बनने का है। रितु गांव ढुराना स्थित जीवन ज्योति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा है। विद्यालय के संचालक कुलदीप कुंडू ने रितु को सम्मानित करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। रितु ने कभी ट्यूशन नहीं पढ़ा। रितु ने कहा कि विद्यालय के शिक्षक उसे हमेशा लक्ष्य निर्धारित करके पढ़ने के लिए प्रेरित करते थे।
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