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Noida News: दिल्ली बॉर्डर पर पहले दिन दिखा मिलाजुला असर, आज से बढ़ सकता है दबाव

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- बीएस-6 से कम मानक वाले वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर रोक का मामला
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- चिल्ला बॉर्डर पर सामान्य रही आवाजाही, डीएनडी और एक्सप्रेसवे से प्रतिबंधित व्यावसायिक वाहन डायवर्ट, कई बॉर्डर से लौटाए गए वाहन

संवाद न्यूज एजेंसी

नोएडा। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए बीएस-6 से कम मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर लगाई गई रोक का रविवार को नोएडा से दिल्ली जाने वाले बॉर्डर पर मिला-जुला असर दिखाई दिया। चिल्ला बॉर्डर पर पुलिस की तैनाती के बावजूद वाहनों की आवाजाही सामान्य रही, जबकि डीएनडी और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से दिल्ली जाने वाले प्रतिबंधित व्यावसायिक वाहनों को दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया गया। कालिंदी कुंज बॉर्डर पर भी वाहनों की जांच के लिए बैरिकेडिंग की गई। वहीं, गाजीपुर और आनंद विहार समेत अन्य सीमावर्ती रास्तों पर पुलिस सतर्क रही। सोमवार से कामकाजी दिन शुरू होने के साथ बॉर्डर पर वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना है। ऐसे में पुलिस की जांच और यातायात प्रबंधन की भी परीक्षा होगी।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और डीएनडी से दिल्ली जाने वाले प्रतिबंधित व्यावसायिक वाहनों को प्रवेश नहीं दिया गया। इन वाहनों को जीरो पॉइंट, परी चौक, कासना और सिरसा होते हुए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर भेजा गया। इसके चलते वाहन चालकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ा। कालिंदी कुंज बॉर्डर पर ओखला और दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर हल्के और भारी व्यावसायिक वाहनों की जांच की गई।
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चिल्ला बॉर्डर पर रविवार को पुलिसकर्मी तैनात रहे, लेकिन दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों की रैली के चलते वाहनों को नहीं रोका गया। दूसरी ओर, गाजीपुर और आनंद विहार बॉर्डर पर दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों के दस्तावेज और बीएस मानक की जांच की गई। अप्सरा और लोनी बॉर्डर पर भी प्रतिबंधित वाहनों को रोका गया। रविवार का अवकाश होने के कारण सभी बॉर्डर पर सामान्य दिनों के मुकाबले वाहनों का दबाव कम रहा।
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बीएस-6 बाइक को भी जांच के लिए रोका

जांच के दौरान दिल्ली जा रहे सतीश की बाइक को पुलिसकर्मियों ने बीएस-4 मानक का समझकर रोक लिया। हालांकि, दस्तावेजों की जांच में बाइक बीएस-6 मानक की निकली। इसके बाद उन्हें जाने दिया गया। सतीश ने कहा कि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्ती जरूरी है, लेकिन वाहन चालकों को नियमों की सही जानकारी भी होनी चाहिए।
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