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बिहार: 15 साल पुराने लाउडस्पीकर कांड में सीवान कोर्ट पहुंचे लालू यादव, समर्थकों की उमड़ी भीड़

Fri, 06 Nov 2026 01:54 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवान

सार

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव शुक्रवार को 2011 के दारौंदा विधानसभा उपचुनाव से जुड़े आचार संहिता उल्लंघन के मामले में सीवान सिविल कोर्ट पहुंचे। उन पर चुनाव प्रचार के दौरान बिना अनुमति लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने और निषेधाज्ञा के उल्लंघन का आरोप है।
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राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव शुक्रवार को करीब 15 साल पुराने एक मामले में सीवान सिविल कोर्ट पहुंचे। यह मामला वर्ष 2011 के दारौंदा विधानसभा उपचुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन और लाउडस्पीकर के कथित अवैध इस्तेमाल से जुड़ा है। उनकी पेशी की खबर मिलते ही राजद नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का भारी हुजूम कोर्ट परिसर के बाहर उमड़ पड़ा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें अदालत में पेश किया गया।
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लालू यादव गुरुवार शाम को ही सीवान पहुंच गए थे। उनके आगमन पर रास्ते में राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। उन्होंने पचरुखी स्थित एक होटल में रात्रि विश्राम किया। शुक्रवार सुबह वे विधान परिषद सदस्य विनोद जायसवाल और पूर्व विधायक भोला यादव समेत कई राजद नेताओं के साथ कोर्ट पहुंचे। कोर्ट पहुंचते ही समर्थकों में उन्हें करीब से देखने की होड़ लग गई। पुलिस और प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। यह मामला वर्ष 2011 में दारौंदा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव से संबंधित है। 8 अक्तूबर 2011 को चुनाव प्रचार के दौरान उन पर बिना अनुमति लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था। साथ ही, लागू निषेधाज्ञा और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का भी आरोप था।

क्या है पूरा मामला?
तत्कालीन अंचलाधिकारी शंकर महतो ने दारौंदा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर लालू प्रसाद यादव और राजद प्रत्याशी परमेश्वर सिंह के खिलाफ दारौंदा थाना कांड संख्या 146/11 दर्ज किया गया। इसके बाद यह मामला न्यायालय तक पहुंचा और कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई। लालू यादव के साथ सह-आरोपी बनाए गए तत्कालीन राजद प्रत्याशी परमेश्वर सिंह का निधन हो चुका है। हालांकि, लालू यादव के खिलाफ मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी रही।
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अदालत में निर्धारित तारीखों पर पेश नहीं होने के कारण उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की स्थिति भी बनी थी। मामले में कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की आशंका भी सामने आई थी। स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिए जाने के बाद गिरफ्तारी और कुर्की से जुड़ी कार्रवाई पर रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद अदालत में मामले की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया चलती रही। इसी क्रम में शुक्रवार को लालू प्रसाद यादव सीवान सिविल कोर्ट पहुंचे और अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

उमड़ पड़ा समर्थकों का हुजूम
लालू यादव की पेशी को लेकर सुबह से ही राजद कार्यकर्ताओं और समर्थकों में काफी उत्साह था। पार्टी के कई नेता और स्थानीय कार्यकर्ता कोर्ट परिसर के आसपास मौजूद रहे। समर्थक अपने नेता की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। करीब डेढ़ दशक पुराने इस मामले में लालू यादव की पेशी ने एक बार फिर वर्ष 2011 के दारौंदा विधानसभा उपचुनाव की घटना को सुर्खियों में ला दिया है। फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अंतिम निर्णय अदालत की ओर से ही किया जाएगा।
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