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नेपाल की बारिश से उत्तर बिहार में बाढ़ का असर: गंडक खतरे के करीब, इन गांवों में चार फीट तक घुसा पानी

Tue, 29 Sep 2026 08:41 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

नेपाल और तराई क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद उत्तर बिहार की नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। मुजफ्फरपुर में बागमती के बाद अब गंडक नदी भी खतरे के निशान के करीब पहुंच रही है। साहेबगंज के माधोपुर हजारी पंचायत के तीन वार्ड बाढ़ की चपेट में हैं।
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बाढ़ का कहर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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नेपाल और तराई क्षेत्र में लगातार हुई बारिश का असर उत्तर बिहार की नदियों पर पड़ रहा है। बागमती नदी का कहर औराई, कटरा और गायघाट में जारी है। वहीं, अब गंडक यानी नारायणी नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच रही है। गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि ने यहां के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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जिले के साहेबगंज प्रखंड की माधोपुर हजारी पंचायत के तीन वार्ड बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। लगातार नदी का जलस्तर बढ़ने और पानी फैलने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं, बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा कई जगहों पर तेजी से कटाव हो रहा है और निचले इलाकों में पानी तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए ग्रामीण अब ऊंचे स्थानों पर शरण लेने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक प्रशासन का कोई अधिकारी यहां नहीं आया है।

माधोपुर हजारी पंचायत में सैकड़ों घर जलमग्न
साहेबगंज प्रखंड क्षेत्र की माधोपुर हजारी पंचायत में बाढ़ का असर देखने को मिला है। सैकड़ों की संख्या में घर जलमग्न हैं। लोग अपने मवेशियों और परिवार के सदस्यों को लेकर ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पानी कल शाम से ही यहां तेजी से बढ़ता जा रहा है। घरों में करीब चार फीट तक पानी भर आया है। आना-जाना पानी के बीच और ग्रामीणों की नाव के जरिए किया जा रहा है। गांव के स्कूल में भी पानी आ गया है, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई पर इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। बाढ़ के पानी से सड़क पर भी तेजी से पानी आने लगा है। कटाव के कारण लोगों की मुश्किल और बढ़ गई है तथा आवाजाही बंद होने के कगार पर है।
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हजारों की आबादी एक बार फिर बाढ़ से प्रभावित हुई है। लोग आवाजाही के लिए नाव का इस्तेमाल कर रहे हैं और खान-पान के साथ ही रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी नाव से निकल रहे हैं। इस दौरान लोगों ने प्रशासनिक इंतजाम में कमी को लेकर सवाल उठाए हैं और अपनी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि स्थिति खराब होती जा रही है और प्रशासन यहां पूछने के लिए आया भी नहीं है। माधोपुर हजारी पंचायत सहित तीन वार्ड और कई अन्य जगहों पर पानी आ गया है, जिसके कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं।

मवेशियों के चारे की भी बढ़ी परेशानी
स्थानीय ग्रामीण शंकर राय कहते हैं कि पानी आने के कारण अब वे अपना सामान बाहर निकाल रहे हैं। घर में पानी आ गया है और मुश्किल बढ़ती जा रही है। मवेशियों के लिए चारे की भी मुश्किल बढ़ती जा रही है। अब ऐसा लगता है कि कुछ दिन बाहर ही रहना पड़ेगा। गांव के लोग भी सुरक्षित स्थानों पर बाहर आ रहे हैं। वहीं, ग्रामीण लोहा प्रसाद यादव कहते हैं कि कल से बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण गांव के कई घरों में पानी आ गया है। प्रशासन का इंतजाम अब तक नगण्य है। इसलिए हम सभी किसी भी तरह अपनी नाव से आना-जाना कर रहे हैं। बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। पता नहीं अब पानी बढ़ेगा या घटेगा, यह कोई नहीं जानता है, लेकिन स्थिति चिंता वाली है।

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प्रशासन अलर्ट, कम्युनिटी किचन शुरू कराने की तैयारी
बाढ़ को लेकर एसडीएम पश्चिमी स्नेहा कुमारी ने बताया कि कुछ घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश किया है। जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है और लगातार प्रभावित क्षेत्र में निगरानी कराई जा रही है। इसके अलावा क्षेत्र के तीन अंचल अधिकारियों को लगातार हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कम्युनिटी किचन शुरू कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पानी के अभी बढ़ने की संभावना को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। स्थिति पर प्रशासन की टीम भी लगातार निगरानी रखे हुए है।

 

 

 

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