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E20 Petrol:ई20 पेट्रोल को लेकर भूटान की रिपोर्ट पर भारत का जवाब, कहा- निर्यात का कोई प्रस्ताव ही नहीं दिया गया

Mon, 06 Jul 2026 09:38 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हाल ही में उन मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल लेने से इनकार कर दिया है। इस पूरे मामले को लेकर भ्रम की स्थिति बनी थी, जिसे मंत्रालय ने अब पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।
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India Response To Bhutan E20 Petrol Report - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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E20 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर भारत और भूटान से जुड़ी एक मीडिया रिपोर्ट पर नया विवाद खड़ा हो गया है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि भूटान को E20 पेट्रोल निर्यात करने का न तो कोई प्रस्ताव दिया गया था और न ही तेल विपणन कंपनियों (OMC) की ओर से ऐसा कोई ऑफर किया गया। सरकार ने लोगों से केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील भी की है।

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भारत सरकार ने भूटान की रिपोर्ट पर क्या कहा?

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक फैक्ट-चेक जारी करते हुए भूटान से जुड़ी रिपोर्ट को गलत बताया।

मंत्रालय के अनुसार-

  • यह दावा सही नहीं है कि भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल आयात करने का प्रस्ताव ठुकरा दिया।

  • भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs) की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव दिया ही नहीं गया।

  • भूटान को E20 पेट्रोल निर्यात करने की कोई योजना भी फिलहाल नहीं है।

  • लोगों से केवल मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई।


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Petrol Pump - फोटो : Adobe stock

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

यह प्रतिक्रिया भूटान के एक समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद सामने आई।

रिपोर्ट में कहा गया था कि-

  • भूटान ने इथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल के बजाय सामान्य पेट्रोल की आपूर्ति जारी रखने का अनुरोध किया।

  • रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि E20 पेट्रोल को लेकर कुछ उपभोक्ताओं ने इंजन खराब होने और माइलेज कम होने जैसी चिंताएं जताई हैं।

हालांकि, भारत सरकार पहले भी ऐसे दावों को खारिज कर चुकी है।

भूटान के पत्रकार ने रिपोर्ट पर क्या कहा?

भूटान के पत्रकार और अखबार 'द भूटानीज' (The Bhutanese) के संपादक तेनजिंग लमसांग ने सोशल मीडिया एक्स (X) पर कई पोस्ट कर अपनी रिपोर्ट का बचाव किया।

उन्होंने-

  • दावा किया कि उनके पास भूटान सरकार के 'व्यापार विभाग' (Department of Trade) की ओर से मिला एक लिखित जवाब है।

  • कहा कि इस जवाब में पुष्टि की गई है कि थिम्फू E20 ईंधन का आयात नहीं कर रहा है।

E20 पेट्रोल - फोटो : AI

भूटान के दस्तावेज में कौन-कौन सी चिंताएं बताई गईं?

तेनजिंग लमसांग द्वारा साझा किए गए कथित दस्तावेज में E20 पेट्रोल को लेकर कुछ आशंकाओं का उल्लेख किया गया।

दस्तावेज के अनुसार-

  • यदि इथेनॉल मिश्रित ईंधन में पानी मिल जाए, तो पानी और ईंधन को आसानी से अलग नहीं किया जा सकता।

  • इससे ईंधन की गुणवत्ता और वाहन के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।

  • भूटान के मौजूदा भूमिगत ईंधन भंडारण टैंकों में E20 संग्रहित करने पर ईंधन की गुणवत्ता बनाए रखना और दूषित होने से बचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। 


भूटान ने भारत की तेल कंपनियों से क्या अनुरोध किया?

कथित दस्तावेज में यह भी कहा गया कि-

  • इन चिंताओं को देखते हुए भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों से अनुरोध किया गया कि जब तक भारतीय बाजार में सामान्य मोटर स्पिरिट उपलब्ध है, तब तक भूटान के लिए उसी की आपूर्ति जारी रखी जाए।


E20 पेट्रोल डिस्पेंसर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : AI

E20 कार्यक्रम को लेकर विवाद क्यों बढ़ा?

रिपोर्ट के अनुसार, इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को इसकी घोषणा के बाद से ही आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है।

इस कार्यक्रम में-

  • अधिक इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों को शामिल किया गया है।

  • इनमें E100 भी शामिल है, जिसमें लगभग 93 प्रतिशत शुद्ध इथेनॉल होता है।

पिछले कुछ महीनों में आलोचना और बढ़ी क्योंकि-

  • सोशल मीडिया पर पानी से ईंधन दूषित होने के दावे वाले वीडियो वायरल हुए।

  • कुछ वाहन उपयोगकर्ताओं ने इंजन खराब होने से जुड़े अनुभव साझा किए।


इंजन खराब होने के दावों पर सरकार का क्या कहना है?

भारत सरकार ने दोहराया कि-

  • वर्ष 2023 में E20 लागू होने के बाद से इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की वजह से बड़े पैमाने पर इंजन फेल होने या वाहन खराब होने के मामले सामने नहीं आए हैं।


गन्ने के रस को पेट्रोल में मिलाने वाले वायरल दावों पर क्या प्रतिक्रिया दी गई?

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि-

  • सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि पेट्रोल में गन्ने का रस मिलाया जा रहा है।

सरकार ने इन दावों को- 

  • भ्रामक बताया।

  • पूरी तरह निराधार करार दिया। 

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E20 - फोटो : Amar Ujala

E20 कार्यक्रम को लेकर सरकार ने क्या कहा?

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार-

  • इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम वैज्ञानिक परीक्षणों पर आधारित है।

  • इसकी लगातार निगरानी की जाती है।

  • अधिक इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों को लागू करने से पहले व्यापक तकनीकी मूल्यांकन किया गया।

  • इस प्रक्रिया में वाहन निर्माता कंपनियों, तेल विपणन कंपनियों और वैज्ञानिकों से विस्तृत परामर्श भी किया गया।

    यह पूरा प्रकरण स्पष्ट करता है कि जहां एक ओर सरकार इसे ऊर्जा सुरक्षा और भविष्य की रणनीति के रूप में देख रही है। वहीं उपभोक्ता स्तर पर जानकारी और तकनीकी स्पष्टता को लेकर अभी भी काफी बहस जारी है। 
     

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