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जूता फैक्टरी में आग, चार की मौत: बेसमेंट में लगी आग तीसरी मंजिल तक पहुंची, अपनों की तलाश; मृतकों की हुई पहचान

Sat, 31 Oct 2026 02:32 PM IST
Sharukh Khan पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sharukh Khan Updated Sat, 31 Oct 2026 02:32 PM IST
सार

दिल्ली के मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में एक जूता फैक्टरी में भीषण आग लग गई। यह घटना 30 अक्तूबर 2026 को रात करीब 9:30 बजे हुई। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य झुलस गए।

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Delhi Shoe Factory Fire: Blaze Spreads from Basement to Third Floor, Workers Trapped Inside
delhi fire - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

दिल्ली के मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में एक जूता फैक्टरी में भीषण आग लग गई। यह घटना 30 अक्तूबर 2026 को रात करीब 9:30 बजे हुई। हादसे में चार लोगों की दुखद मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए।
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आग मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के B-293/294 स्थित जूता फैक्टरी में लगी थी। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने तत्काल बचाव कार्य शुरू कर दिया। दमकल की कई टीमों ने आग पर काबू पाने के लिए घंटों तक लगातार काम किया। फैक्टरी की इमारत से कुल छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इन सभी को तुरंत मंगोलपुरी स्थित संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने छह में से चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। बाकी दो घायल लोगों का अस्पताल में उपचार जारी है।
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बाहरी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में जूता फैक्टरी में लगी आग बेहद भीषण थी। हादसे के समय फैक्टरी में करीब 20 से 25 मजदूर और कर्मचारी मौजूद थे। आग में मरने वाले और घायल सभी फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर व कर्मचारी बताए जा रहे हैं। 

 
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दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारियों के मुताबिक, आग पर पूरी तरह काबू पाने और राहत एवं बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही जान-माल के नुकसान का सही आकलन हो सकेगा। फैक्टरी में आग लगने की सूचना मिलते ही मजदूरों के परिजन मौके की ओर दौड़ पड़े। 

 
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वे अपनों की तलाश में जुट गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। बाहरी जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे में हताहत लोग उसी फैक्टरी में काम करते थे। 

 

आग लगने के समय वे इमारत के अंदर फंस गए थे। सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा की 20 दमकल गाड़ियां और करीब 80 दमकलकर्मियों को मौके पर भेजा गया। कुछ लोग किसी तरह इमारत से बाहर निकलने में कामयाब रहे। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें आग लगने के कारणों की जांच कर रही हैं। शुरुआती जांच में बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। 

 

बताया जा रहा है कि आग सबसे पहले फैक्टरी के बेसमेंट में लगी और देखते ही देखते तीसरी मंजिल तक फैल गई। दमकलकर्मियों को आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। फैक्टरी में रखे ज्वलनशील सामान के कारण आग पर काबू पाने में दिक्कतें आ रही थीं। 

 

मृतकों की पहचान
मृतकों में अशोक शामिल हैं, जिनकी उम्र 25 वर्ष थी और वह बिहार के जिला नालंदा के निवासी थे। दूसरे मृतक हरिहर थे, जिनकी उम्र 40 वर्ष थी और वह मंगोलपुरी, दिल्ली के रहने वाले थे। लाल बाबू की उम्र 38 वर्ष बताई गई है। चौथे मृतक प्रेम चंद थे, जिनकी उम्र 50 वर्ष थी।

 

आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच
इस घटना के संबंध में राज पार्क पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी (FIR नंबर 648/2026) दर्ज की गई है। यह प्राथमिकी 31 अक्तूबर 2026 को BNS की धारा 287, 125(a), 105 और 3(5) के तहत दर्ज हुई है। पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को पकड़ा है। इनमें सुरेश चंद और अशोक शामिल हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है। फरार अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमें लगातार काम कर रही हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।
 

2026 में आग से 65 मौतें, हर हादसे के बाद उठते हैं सवाल
देश की राजधानी दिल्ली में आग अब एक गंभीर शहरी सुरक्षा संकट बन गई है। मंगोलपुरी की जूता फैक्टरी में शुक्रवार देर रात आग लगने से पहले 60 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। दिल्ली सरकार और दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 से मार्च 2026 तक आग से जुड़ी दुर्घटनाओं में 543 लोगों की मौत हुई है।

 

मार्च में पालम इलाके की एक इमारत में आग लगने से एक ही परिवार के नौ सदस्यों की जान चली गई। मई में पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में एक इमारत में आग से नौ लोगों की मौत हुई, जिसमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था। शुरुआती जांच में एयर कंडीशनर में विस्फोट को आग की वजह माना गया। इसके बाद 3 जून को मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टेज बीएंडबी में भीषण आग लगी। इस घटना में 21 लोगों की जान गई और 25 लोग घायल हुए। संकरी गलियों के कारण बचाव अभियान में भी बाधा आई।
 

आंकड़ों में आग का बढ़ता खतरा
दिल्ली अग्निशमन सेवा के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच आग से जुड़ी 6,693 कॉल आईं। इनमें जनवरी में 1,396, फरवरी में 1,096, मार्च में 1,538 और अप्रैल में 2,663 कॉल दर्ज की गईं। मई के शुरुआती 26 दिनों में ही दमकल विभाग को 2,877 आग से संबंधित कॉल पर कार्रवाई करनी पड़ी। जनवरी से मई के अंत तक मौतों का आंकड़ा 45 तक पहुंच गया था। मार्च में 15 मौतें दर्ज हुईं, जो उस समय तक किसी एक महीने में सर्वाधिक थीं।

 

दमकल विभाग पर दबाव और लापरवाही
आग से निपटने की चुनौती सिर्फ इमारतों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। दिल्ली अग्निशमन सेवा में स्वीकृत 90 स्टेशन ऑफिसर पदों में से 72 खाली थे, यानी करीब 80 फीसदी पद रिक्त हैं।
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