रामपुर जेल की पाबंदियों में 11 महीने 14 दिन गुजारने के बाद शनिवार शाम जेल से बाहर आते ही ईडी द्वारा गिरफ्तार करने पर आजम खां फूट पड़े। बोले...अब कहने को कुछ नहीं रह गया है, मुझे मुसलमान होने की सजा मिली है। मेरा गुनाह सिर्फ इतना है कि मैंने बच्चों की शिक्षा के लिए यूनिवर्सिटी बनाई, स्कूल बनाए हैं... यही मेरा सबसे बड़ा गुनाह है। जेल के गेट पर पहले से मुस्तैद ईडी टीम के उन्हें तुरंत घेर लेने से वह वहां मौजूद समर्थकों व पत्रकारों से ज्यादा कुछ नहीं बोल सके।